


एक सोने की चिडिया को मैंने पीतल होते देखा है !
गैरो के आशियाने में छिपकर उसे हरपल रोते देखा है !!
एक सोने की चिडिया को मैंने पीतल होते देखा है ........
तैमुर कासिम और गजनबी खूब रंग दिखाया चोरी ने !
मंदिर तक भी लूट लिए थे उस डाकू मुहमद गोरी ने !!
महँ सिकंदर को भी मैंने पोरस से लड़ते देखा है ..........
एक सोने की चिडिया को मैंने पीतल होते देखा है ........
कुर्बानी की बेदी पर कितने आजाद भगत के शीश कटे !
रानी झाँसी सुखदेव राजगुरु आज़ादी पर लाखो मर मिटे !!
महाराणा से वीर को मैंने जंगल में चरते देखा है ...........
एक सोने की चिडिया को मैंने पीतल होते देखा है ........
हर नुक्कड़ पर आज चोर है बैठे, हर गली में बदमाशो की टोली है !
ज़र जोरू और जमीन की खातिर भाई भाई तक में चलती खून कही होली है !!
मां बहनों को मैंने वर्दी वालो तक से छिपकर चलते देखा है ............
एक सोने की चिडिया को मैंने पीतल होते देखा है ........
माँ लोरिया गाती थी यहाँ की पारी रानी आती है !
सो जा बेटे शेर आ गया अब कहकर उन्हें डरती है !!
भीम अर्जुन से इन बच्चो को मैंने आँचल में छिपते देखा है ...........
एक सोने की चिडिया को मैंने पीतल होते देखा है ........
साडी था नारी का गहना, अब सलवार कमीज भी नहीं पाते है !
जींस टॉप और पैंट शर्ट इन्हें ऐसे कपडे भाते है !!
हिन्दुस्तानी औरत को मैंने इंग्लिश होते देखा है ...............
एक सोने की चिडिया को मैंने पीतल होते देखा है ........
.........अरुण कुमार
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who said,"you lost"
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