दो दोस्तों की ये एक कहानी है !
रामू और दीनो की इसमें एक परेशानी है !!
दोनों एक दुसरे पर मरते थे !
इसलिए हर काम एक साथ मिलकर करते थे !!
एक दिन दोनों पहुंचे रामू की ससुराल !
और सामने आ खड़ा हुआ एक अनचाहा सवाल !!
सफ़र की थकान ने उनकी भूख बढाई थी !!
इसलिए रामू की सास ने बड़े प्यार से खीर बनाई थी !!
खीर बहुत गरम थी दोनों भूख में ये भी भूल गए !
इसलिए तो अनचाही आफत से झूल गए !!
रामू ने चम्मच भरकर मुह में डाली !
खीर इतनी गरम थी की मुह से निकली गाली !!
सांप के मुह में जैसे चक्चुन्दर आ गई ,
बाहर निकाले तो शान गई !
और अन्दर निगले तो जान गई !!
गरम खीर एक मिनट मुह में रही तो आँखों से पानी बहने लगा !
सास ने समझा रामू रोने लगा !!
बोली बेटा तुम रो क्यों रहे हो बताओ तो सही !
रामू बोला- क्या बताऊँ माताजी घर में मेरी माँ बीमार है बस उसी की याद आ गई !!
रामू ने तो बहाने से खुद को बचा लिया !
पर दीनू ने भी अनजाने में खीर का चम्मच भरके खा लिया !!
खीर गरम थी इसलिए दीनू की आँखों से भी बह निकली पानी की धारा !
अब तू क्यों रोने लगा मौसी ने उसे पुकारा !!
और मुह बिगड़ कर बोला - मौसी , इसकी माँ हमारे साथ ये क्या करगई !
कुछ देर पहले बीमार हुई थी और अभी अभी मर गई !!
कहीं खीर में ही कुछ परेशानी तो नहीं मौसी ने दिमाग चलाया !
इसलिए एक चम्मच खीर खुद को भी खिलाया !!
उनकी आँखों से भी पानी बहने लगा !
अब माजी आपको क्या हुआ रामू कहने लगा !!
सास बोली- तुम्हारी माँ ने मुझे भी ऊपर बुलाने की सिफारिश लगाई है !
इसीलिए तो यमराज ने मुझे लाने को अपनी फौज भगाई है !!
WE REPAIR OTHERS
who said,"you lost"
0 comments